Write To The Prime Minister ! http://pgportal.gov.in/pmocitizen/Grievancepmo.aspx मैंने एक पत्र प्रधान मंत्री महोदय को लिखा
है ! आपके अवलोकनार्थ प्रस्तुत है!
विषय : रानीखेत में उत्तराखण्ड आयुर्वेद का कैंपस कॉलेज खोले जाने विषयक ! महोदय ! याद कीजिये वह क्षण जब धरती पर एक नवजीवन शिशु के रूप मैं उदित होता
है तो सबसे पहले शिशु की पहली किलकारी की आवाज
के साथ ही वह आयुर्वेद के सरंक्षण
मैं आ जाता है ? सर्वप्रथम शिशु की नाल
काटने के पश्चात नाभि मैं हल्दी का लेप
किया जाता है ? उसके बाद शिशु को फिटकरी के पानी से स्नान कराया जाता है ! फिर रुई मैं शहद भिगोकर शिशु को उसका
पहला भोजन कुछ बूँद शहद चटाया जाता है ! हल्दी, फिटकरी व शहद इन तीनों
का ही आयुर्वेद मैं बहुत बड़ा महत्व है ! इसके पश्चात जरूरत पड़ने पर शिशु को बाल
जीवन घुट्टी व अमृत धारा पिलाई जाती है ! इन पांच
दवाओं का शिशु के जीवन मैं कितना महत्व है यह आप जानते हैं !
जन्म के होते ही
आयुर्वेद का साथ ! यह है आयुर्वेद की हमारे जीवन मैं महत्ता ! शिशु की जननी को
प्रसव काल मैं अशोकारिष्ट व प्रसव के बाद दसमूलारिष्ट, पजीरी आदि दी जाती
है ! शिशु की देखभाल की यह प्रथा हमारे समाज मैं पुरातन काल से प्रचलित है
! यदि हम यह कहें कि हर शिशु “आयुर्वेद शिशु” होता है तो अतिशयोक्ति
नहीं होगी ! महोदय याद कीजिये लक्ष्मण
शक्ति का वह द्रश्य जिसमें हनुमान ‘संजीवनी बूटी’ लाते हैं और सुषेण वैद्य लक्ष्मण को जीवन दान देते हैं !
मान्याताओं के अनुसार उस संजीवनी बूटी पर्वत का एक हिस्सा रानीखेत के समीप
दूनागिरी में गिरा है !
हिमालय आयुर्वेद की जन्मस्थली है ! सरकार ने इसे आयुष प्रदेश घोषित किया है
! जड़ी बूटी के भण्डार देव भूमि उत्तराखण्ड से त्रिदेव ब्रह्मा द्वारा महर्षि
धन्वन्तरी को प्राप्त ज्ञान की इस परंपरा को रानीखेत की जनता सहेजना चाहती है !
इसी कारण से रानीखेत के पूर्व विधायक अजय भट्ट जो भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश
अध्यक्ष भी है, ने भी रानीखेत में
उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कैंपस की स्थापना हेतु प्रयास किया ! प्रयास
फलीभूत भी हुवा और सरकार ने इसकी स्वीकृति भी दे दी ! विश्वविद्यालय कुलपति ने उत्तराखण्ड सरकार से
प्रारंभिक खर्चे हेतु 25 करोड़ की धन राशि हेतु पत्र लिखा जो सरकार में लंबित है l
महोदय, विनम्र निवेदन है कि भारत सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने हेतु कृत
संकल्प है अतः रानीखेत
मैं कैंपस कालेज खोले जाने हेतु उत्तराखण्ड सरकार को आवश्यक निर्देश करने की कृपा करें क्योंकि कुमायूं में आयुर्वेद
विश्वविद्यालय का कोई कैंपस नहीं है जबकि गढ़वाल के इलाके में दो कैंपस स्थापित
किये गए है ! धन्यवाद !
डी एन बड़ोला,
अध्यक्ष, प्रेस क्लब, बड़ोला कॉटेज रानीखेत उत्तराखंड मोबाइल नंबर :
9412909980
14.4.2017

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